रजनीश का ब्लॉग
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Sunday, October 25, 2015

नज़र

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ना बदली वो राहें   पता मंजिल का भी वही फिर क्यूँ भटका हुआ इन्सान नज़र आता है कोई नजरों में रहके भी   नजरों से द...
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रजनीश तिवारी
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर....लिखता हूँ ...फोटोग्राफी भी .... ब्लॉग के माध्यम से मेरी कविताएं पहुँचती हैं आप तक ...
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