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मंज़िल
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Saturday, January 24, 2015
दरअसल ....
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था न कोई उस राह , पर इंतजार हम करते रहे उनको हमसे नफ़रत सही , पर प्यार हम करते रहे वक़्त की ख़िदमत में , अक्ल...
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Thursday, January 1, 2015
नया वर्ष नई कविता
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. नए वर्ष में नई उमंगे नए गीत नई खुशियाँ बरसे नई मंज़िलें नए रास्ते कदम कदम मन सबका हरसे सपने हो जाए...
2 comments:
Sunday, December 5, 2010
बदलाव
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है जिंदगी वही ,पर मायने बदल गए, हैं चेहरे वही पुराने पर आईने बदल गए॰ है सूरज वही है चाँद वही , है दिन वही है रात वही, है दुनिया वही ...
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