Sunday, June 17, 2018
पिता
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पिता वृक्ष पिता पालक पिता मित्र पिता समर्थक पिता दाता पिता आलोचक पिता माझी पिता शिक्षक पिता सारथी पिता रक्षक पिता ईश्व...
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Wednesday, June 13, 2018
बारिश
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बारिश तब भी होती थी बारिश अब भी होती है पहले बारिश के खयाल से ही भीग जाया करते थे अब ऐसे हो गए हैं कि बूंदें फिसल जाती हैं बदन से दिल ...
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Monday, May 28, 2018
घड़ी की टिक-टिक
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वक्त गुजरता जाता है समय बदलता जाता है इक पल आता इक पल जाता पल दर पल मंजर बदलता संसार बदलता जाता है समय बदलता जाता है जो मैं था...
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Sunday, May 20, 2018
मंजिलें और खुशियाँ
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जिंदगी के सफर में मंजिल दर मंजिल एक भागमभाग में लगा हुआ हमेशा हर ठिकाने पर यही सोचा कि क्या यही है वो मंजिल जिसे पा लेना चाहता था...
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