रजनीश का ब्लॉग
Thursday, June 30, 2011

चंद शेर थोड़ा अफसोस

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उनकी हर अदा पे मुस्कुराते रहे हम चुभता है दिल में ये कहना न आया मरते मरते आदत मरने की हो गई करते   हैं कोशिश पर जीना न आया कब हुए वो ...
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Sunday, June 26, 2011

बरसन लागी बदरिया

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बरसन लागी बदरिया रूम झूम के .... ( ये बोल हैं एक कजरी के, बस इसके आगे कुछ अपनी पंक्तियाँ जोड़ रहा हूँ ) बरसन लागी बदरिया रूम झूम के ... ...
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Thursday, June 23, 2011

जवाब की तलाश में ...

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तन्हाई की हद का कोई हिसाब क्यूँ नहीं अपनी किस्मत के सवालों का कोई जवाब क्यूँ नहीं लगी उम्र   हमसे दिल का चुराना न हुआ सिखा दे इश्क़ हमे...
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Saturday, June 18, 2011

बारिश

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धूप ने महीनों सुखाया था मिट्टी को आखिरी बूंद तक निकाल ले गई थी जली हुई जमीं की  राख़ उड़ती थी हवा में छांव की ठंडक हवा संग बह गई थी गर...
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रजनीश तिवारी
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर....लिखता हूँ ...फोटोग्राफी भी .... ब्लॉग के माध्यम से मेरी कविताएं पहुँचती हैं आप तक ...
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