न पाने में न होने में
कीमत जानी है खोने में
जो बीत गई सो बात गई
अब रक्खा है क्या रोने में
मिट्टी में जो सोंधी खुशबू
वो कहां मिलेगी सोने में
काटो तो वक्त नहीं लगता
महीनों लगते है बोने में
पल भर में जो इक दाग लगे
उसे उमर बीतती धोने में
......रजनीश (२२ फरवरी २०२०)
चलो खोजें
सोना रे, सोना रे, सोना रे
ऐसा मौका
ना हाथ से खोना रे
मैंने कहा
यहीं नीचे गड़ा है
सोचो मत,
ढूंढो
इसे यहीं होना रे
पैसों पे मरती है ये
पैसों से चलती है ये
सोना हो साथ तो
सलाम करती है ये दुनिया
सोना खोजो
गड्ढे खोदो
गहरे जाओ इसे यहीं होना रे
चलो खोजें ...
कितने गड्ढे किए
कितने सपने देखे
ना सोना मिला
कहीं ना खजाना दिखा
अरे खुद में झाँको
अपने अंदर
गहरे जाओ इसे वहीं होना रे
चलो खोजें
सोना रे सोना रे सोना रे
ऐसा मौका
ना हाथ से खोना रे
मैंने कहा
यहीं नीचे गड़ा है
सोचो मत,
ढूंढो
इसे यहीं होना रे ...
....रजनीश (31.10.2013)
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