Sunday, September 8, 2013

प्यार की चाह में

गर प्यार हो दिल में
हर पल सुहाना होता है
प्यार की चाह में
हर दिल दीवाना होता है

उनके दीदार को
तरसती हैं हरदम आँखें
करीब उनके चले जाने 
हरदम एक बहाना होता है

उनके लब हिलते हैं
तो फूल खिलते है
उनका हर लफ़्ज़
एक तराना होता है

प्यार पर सिर्फ़
गेसूओं की छाँव नहीं
दूर रहकर भी
प्यार निभाना होता है

प्यार देने में है असल
पाने की सिर्फ़ चीज़ नहीं
प्यार खुशियाँ लुटाना
आँसू पी जाना होता है

गर प्यार हो दिल में
हर पल सुहाना होता है
प्यार की चाह में
हर दिल दीवाना होता है 

......Rajneesh (08.09.2013)

9 comments:

Darshan jangra said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - सोमवार - 09/09/2013 को
जाग उठा है हिन्दुस्तान ... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः15 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

वाह वाह !!! बहुत सुंदर रचना ,,,क्या बात है

RECENT POST : समझ में आया बापू .

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, बहुत ख़ूब

poonam said...

bahut khub

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सुंदर भाव ।

ajay yadav said...

Pyar sirf dene ka naam hain.-drakyadav.blogspot.in

सतीश सक्सेना said...

प्रभावशाली अभिव्यक्ति ..

Onkar said...

सुन्दर रचना

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