Friday, February 3, 2017

जिंदगी- सपना- गम- हम


 जिंदगी
तू है जिंदगी आसां जरा भी मुश्किल नहीं पर ये जाना
ख्वाहिश अपने ढंग से जीने की, तुझे दुश्वार बना देती है


सपने
सपने छोटे ही अच्छे बड़े की कीमत भी बड़ी होती है
हो सपना कोई भी पूरा खुशी तो हमेशा पूरी होती है


 गम
करते हैं गम का शुक्रिया खुशी से पहचान कराने का
वो भी बार बार आकर खुश रहना सिखा जाता है


गुस्से को समझो
गुस्से को आने दो पर गुस्से को जाने दो
समझो क्या कहता है पर घर ना बनाने दो


हम खुद
हम देखते हैं वो दिखता नहीं जो देखने पर
जबसे देखा है खुद को बैठ आईने के भीतर


3 comments:

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "मेहनती चींटी की मोर्डन कहानी - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

उत्पल कान्त मिश्रा "नादां" said...

अच्छी रचना ! पढना अच्छा लगा !

Onkar said...

सुन्दर प्रस्तुति

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