Sunday, June 11, 2017

क्यों किसान रोता है

क्यों किसान रोता है
सबका अन्नदाता
आएदिन
क्यों भूखे पेट सोता है
क्यों किसान रोता है
जीवन भर
जीवन से लड़ता
यकायक  जीवन
खत्म करता है
क्यों किसान रोता है
घटती जमीन
बढ़ता कर्जा
अपना पसीना बोता है
क्यों किसान रोता है
उधारी घटती नहीं
आय बढ़ती नहीं
बरस जाए बादल
बाट जोहता है
क्यों किसान रोता है
दुनिया चांद पर
समय बदलता
किसान अब भी
उसी जमीं पर
दिन-रात एक कर
अपने हल से
जीवन पहेली का
हल खोजता है
क्यों किसान रोता है

.............रजनीश  (11.06.17)

5 comments:

Anita said...

वाकई किसानों की दुर्दशा के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है, इसका हल समाज और राष्ट्र को निकालना ही होगा..

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (13-06-2017) को
रविकर यदि छोटा दिखे, नहीं दूर से घूर; चर्चामंच 2644
पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

HARSHVARDHAN said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व बालश्रम निषेध दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

HARSHVARDHAN said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व बालश्रम निषेध दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Dr (Miss) Sharad Singh said...

Marmik....

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