Sunday, March 22, 2015

हर दिन एक कहानी


हर दिन एक कहानी 
लम्हा-दर-लम्हा 
लिखती ज़िंदगानी 
हर दिन एक कहानी

थोड़ी सी आरजू थोड़े से अरमां
थोड़ी सी प्यास थोड़ा सा पानी
थोड़ी सी कसमें थोड़े से वादे
थोड़ी सी नई थोड़ी पुरानी
हर दिन एक कहानी

थोड़ी सी जीत थोड़ी सी हार 
थोड़ा सा प्यार थोड़ी तकरार
थोड़ा सा गम थोड़ी खुशी
थोड़ी गुलामी थोड़ी मनमानी
हर दिन एक कहानी

थोडा सा दर्द थोड़ा सा जोश
थोड़ी मदहोशी थोड़ा सा होश
थोड़ी बातूनी थोड़ी खामोश  
थोड़ी अनजानी थोड़ी पहचानी
हर दिन एक कहानी

थोड़ी मोहब्बत थोड़ी इबादत
थोड़ी हिमाकत थोड़ी शरारत
थोड़ी बगावत थोड़ी अदावत
थोड़ी तेरी थोड़ी मेरी जुबानी
हर दिन एक कहानी

थोड़ा न थोड़ा जादा न जादा 
कभी आधा पूरा कभी पूरा आधा
थोड़ी सी पूरी थोड़ी अधूरी
थोड़ी संजीदा थोड़ी बेमानी
हर दिन एक कहानी

...........रजनीश ( 22.03.15)

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