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Sunday, June 11, 2017

क्यों किसान रोता है

क्यों किसान रोता है
सबका अन्नदाता
आएदिन
क्यों भूखे पेट सोता है
क्यों किसान रोता है
जीवन भर
जीवन से लड़ता
यकायक  जीवन
खत्म करता है
क्यों किसान रोता है
घटती जमीन
बढ़ता कर्जा
अपना पसीना बोता है
क्यों किसान रोता है
उधारी घटती नहीं
आय बढ़ती नहीं
बरस जाए बादल
बाट जोहता है
क्यों किसान रोता है
दुनिया चांद पर
समय बदलता
किसान अब भी
उसी जमीं पर
दिन-रात एक कर
अपने हल से
जीवन पहेली का
हल खोजता है
क्यों किसान रोता है

.............रजनीश  (11.06.17)
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